Patanjali Bio Fertilizers & Bio Products : Swami Ramdev | 17 Dec 2014 (part 1)


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परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने इस विडियो में जैविक खाद के बारे में बताये हैं |
यह पतंजलि जैविक खाद के अंतर्गत निर्माण किया गया हैं जिसको आप अपने घरो में किस तरह से खाद व कीटनाशक बना सकते हैं जो की प्राकृतिक व परम्परागत रूप से नये तरीके से व विष मुक्त खेती कर सकते हैं और अपने को सुरक्षित रख सकते हैं और पुरे देश को स्वास्थ प्रदान कर सकते हैं और उसमे हमारा मूल दर्शन हैं कम लागत में ज्यादा उपज करना और जो बहुत बड़ा चक्रव्यू चल रहा हैं पूरी मानवता के खिलाफ और प्रकृति के खिलाफ धरती के खिलाफ उस चक्रव्यू से देश को बाहर निकालना प्रथम चरण के बाद दुसरे चरण में ले चलते हैं किस तरह से इसका व्यवसायिक रूप हैं इसका माने व्यापार कम सेवा ज्यादा उसके साथ में व्यापार शब्द का तब प्रयोग होता हैं जब आपका मकसद पैसा कमाना होता हैं लेकिन जहाँ जब पैसा जुड़ जाता हैं लेकिन पतंजलि में सबकी स्वास्थ समृधि सबकी शिक्षा पुरे देश में स्वदेशी शिक्षा का सुव्यवस्थित तैयार किया जा रहा हैं जो स्वदेशी का मकसद हैं पतंजलि ग्रामोधोग के अंतर्गत अलग अलग प्रकार से पशुआहार व जीवाणु पर आधारित जो फर्टिलाइजर जिससे की जो विषैले फर्टिलाइजर का प्रयोग करके यूरिया डीएपी व तमाम तरह के कीटनाशक के द्वारा जो आज कैंसर हार्ट बी. पी. शुगर लीवर किडनी फैलियर व भयानक बिमारी हैं जिससे देश को मुक्ति दिलाई जा सकती हैं इसके लिए पतंजलि के तहत बायो रिसर्च के तहत तैयार किया गया हैं जिसको pbri कहते हैं जीवाणुओं पर आधारित खाद व कीटनाशक जिसके बारे में आपको विस्तार पूर्वक बताएँगे पतंजलि खाद के अंतर्गत जो खाद तैयार किया जाता हैं जो जीव हैं जिसको microorganism कहते हैं जिसको मिटटी से ही प्राप्त किया जाता हैं जो की मिटटी का ही सेम्पल लेकर उसको लेब में लेकर उनको इसुलेसन करते हैं और उन्हें मिटटी से अलग करते हैं जिससे मिटटी व जीव अलग हो जाते हैं जो जीव होते हैं उन्हें पकड़ने के लिए मीडियम दिया जाता हैं जिससे उनको लालच मिलता हैं पहले उनको मिटटी से अलग किया जाता हैं और अलग करने के बाद ये जीवित रहे मरे नही इसलिए उन्हें मीडियम खाना दिया जाता हैं और वो इस खाने को खाते रहते हैं और अपनी जनसंख्या को बढ़ाते रहते हैं एक ग्राम में खरबों microorganism होते हैं और अलग अलग प्रकार के होते हैं और उसकी पहचान मिक्रोस्कोप से किया जाता हैं और उसको अलग तरीको से रंगा जाता हैं जिसको स्ट्रेनिंग कहाँ जाता हैं जिसमे कुछ फंगर होते कुछ वैक्ट्रिया होते हैं तो इस स्ट्रेनिंग के द्वारा आइडेंटिटी फाई किया जाता हैं जीवाणु के बारे में बोला जाता हैं रक्षक कीट मित्र कीट व शत्रु कीट और उनका ही मैक्निजम होता था और उसको कण्ट्रोल करते थे और इन कीटो को देखने के लिए माइक्रोस्कोप में देखा जाता हैं की कौन मित्र हैं और कौन शत्रु और इन्हें आगे इस्तेमाल कर सकते हैं फसलो की वृद्धि के लिए और कुछ ऐसे भी कीट होते हैं जो इंसानों के लिए शत्रु भी हैं और वो फसलो के लिए मित्र का काम करते हैं जैसे फैसलोंमैसलिस हो गया पैवेरिया हो गया ये फसलो के लिए मित्र का काम करते हैं वैसे ये आदमियों को ऐसे नुक्सान नही करते अगर वो हमारे अंदर चले जाए तो हमारे अंदर समस्या उत्पन हो सकती हैं जो जीवो के द्वारा कीटनाशक तैयार किया गया है उनका सेल्फ लाइफ भी 6 महीने से 1 साल तक की रहती हैं जैसे पतंजलि की चेतना हैं जिसमे अमीनो एसिड हैं जिसमे जीव नही हैं जो पदार्थ उस जीव में थे वे निकाल कर इसमें डाले गये हैं जीव इन खाद में पाया जाता हैं जैसे पतंजलि बायो जिंक , पतंजलि एजोटो , पतंजलि सुरक्षा , पतंजलि पीएसवी ये सब में यह जीव को मिलाया गया हैं और इसको फसल में इस्तेमाल करने से कई गुना बढ़ते हैं जैसे पतंजलि सुरक्षा है इसको एक एकड़ में 250ml लगता हैं और पानी 30 से 50 लिटर के बीच में जैसी फसल हैं उसके अंतर्गत कर सकते हैं और इससे फसल बढ़ते रहते हैं जो फंगर पौधो को नुक्सान पहुचाते हैं ये सुरक्षा उन फंगर को खत्म कर देती हैं ये पतंजलि कवक रक्षक हैं जो कीटो से सुरक्षा करती हैं पतंजलि नीम का प्रयोग ये फल सब्जी व पौधो के बचाव में प्रयोग किया जाता हैं जो नीम की निमोली व पत्तो से बना हुआ हैं ये नीम पेड़ पौधो में किसी भी प्रकार से कीट कीड़ो को पौधो में बैठने नही देता और इससे फसलो को नुकसान नही पहुचता हैं इसकी सुगंध भी इतनी तेज होती हैं की इसके सुगंध से ही भाग जाते हैं फसल में इसका प्रयोग गेंहू चावल फल सेब व अन्य खाने योग्य फसलो में इसका प्रयोग कर सकते हैं पतंजलि स्पर्श का प्रयोग फसलो पर जो कीटनाशक डाले हैं वो हटे नही इस कारण से बहुत ज्यादा देर तक रहता हैं अगर बारिश हो जाए तो यह धुलती नही बल्कि यह फसलो पर चिपक जाती हैं पतंजलि सुजीवा यह पौधो को बढने में मदद करता हैं और मिटटी के अंदर जो मिक्रोफोवा होते हैं उसे बढाने में मदद करते हैं यह सभी फसलो में मदद करता हैं यह पौधो ओ 20-30% वृद्धि करने में मदद करता हैं

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